उत्तराखंड:
कैकई अपने पुत्र भारत के लिए राज्याभिषेक वहीं भगवान राम के लिए 14 वर्ष का वनवास मांगा
संवाददाता ईश्वर सिंह
रामलीला ग्राउंड में आयोजित रामलीला मंचन में कैकई दशरथ संवाद एवं भगवान राम का वनवास का सुंदर मंचन स्थानीय कलाकारों द्वारा किया गया, महाराजा दशरथ द्वारा श्री राम जी के राज्याभिषेक की घोषणा करने तयारी कि सूचना जब मंथरा (विरेंद्र रावत)द्वारा रानी कैकई (दीपक बिस्ट)को दी गई, तो रानी कैकई को दी गईं तो वो कोप भवन में चली गई सारा श्रृंगार उतरकर एक साधारण स्त्री का रूप धारण कर लिया,
राजा दशरथ जब कैकई से इसका कारण पूछा तो पुरानी कैकई ने दशरथ को उनके द्वारा दिए गए दो वरदान देने की बात कही जिस पर दशरथ की हामी भरने पर रानी बोली, सुनहूं प्राण प्रिय भावत जी का! देहु एक बर भारत ही टीका! तापस देश बेस विषेश उदासी! चोधाए बरस रामु बनवासी, उसने अपने पुत्र भारत के लिए क राज्याभिषेक एवं भगवान राम के लिए 14 वर्ष का वनवास मांगा, कैकई की बात सुन राजा दशरथ परेशान हो गए और अपने पुत्र कैकई को दिए वचन के बारे में सोचने लगे श्री राम को जब इस बात का पता चला तो वह तुरंत अपने पिता के वचन को निभाने के लिए जंगल की ओर प्रस्थान करने निकल पड़े माता सीता एवं भ्राता लक्ष्मण ने भी श्री राम के साथ 14 वर्ष वन में रहने का निर्णय लिया श्री राम के वनवास को प्रस्थान करने का दृश्य देखकर दर्शकों की आंखों में आंसू आ गए यह मनमोहक दृश्य देखकर सभी भाव विभोर हो गए,
रामलीला मंचन में अध्यक्ष इंद्रेश कुमार विशेष आमंत्रित सदस्य मनोज वाधवा जतिन कक्कड़ रविंद्र श्रीवास्तव अंकुर बत्रा सुनील गुप्ता अनिल गुप्ता राजू श्रीवास्तव विनोद भारती प्रमोद सक्सेना भगवान दास गुप्ता आदि उपस्थित रहे,




