वाराणसी भारतीय फन-ए-सिपाह गरी एसोसिएशन ने ताज़ियाती नशिस्त (शोक सभा) मुनअक़िद कर शमीम उस्ताद को खिराज-ए-अकीदत पेश किया

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संवाददाता : सलीम
वाराणसी भारतीय फन-ए-सिपाह गरी एसोसिएशन, उत्तर प्रदेश के ज़ेर-ए-एहतिमाम आज दोपहर 2:00 बजे एक खुसूसी ताज़ियाती नशिस्त का एहतिमाम किया गया। यह मजलिस एसोसिएशन के साबिक (पूर्व) सदर मरहूम जनाब शमीम उस्ताद (कोयला बाज़ार) की याद में मुनअक़िद की गई, जिनका गुज़श्ता इतवार को इंतकाल हो गया था। इस ताज़ियाती नशिस्त की सदारत एसोसिएशन के सदर असलम खलीफा ने की और निज़ामत (संचालन) के फराइज़ जनरल सेक्रेटरी मोहम्मद शाहिद ने अंजाम दिए। मजलिस को खिताब करते हुए सदर असलम खलीफा ने कहा, “शमीम उस्ताद की रेहलत न सिर्फ हमारी एसोसिएशन के लिए बल्कि पूरे मुआशरे (समाज) और रिवायती फन के लिए एक ऐसा खला (शून्य) है जिसे पुर करना नामुमकिन है। उन्होंने अपनी पूरी ज़िंदगी अखाड़ों की तरक्की और मखलूक-ए-खुदा की खिदमत में वक्फ कर दी। जनरल सेक्रेटरी मोहम्मद शाहिद ने मरहूम की शख्सियत पर रौशनी डालते हुए कहा कि उनकी दयानतदारी और जज्बा-ए-खिदमत आने वाली नस्लों के लिए मशाल-ए-राह साबित होगा। मजलिस में मौजूद तमाम अराकीन (सदस्यों) ने दो मिनट की खामोशी इख्तियार की और मरहूम की मगफिरत के लिए दुआ-ए-खैर की। साथ ही गमज़दा अहल-ए-खाना (परिवार) के साथ अपनी गहरी हमदर्दी का इज़हार किया। इस मौके पर हाजी मुख्तार अहमद संरक्षक, अब्बुल हसन उपाध्यक्ष, मास्टर शहाबुद्दीन सचिव, अब्दुल्लाह खालिद लिगल एडवाईज़र, डाक्टर इक़बाल, कलीमुद्दीन शम्श, निज़ामुद्दीन, मो० इक़राम, जुबैर आदिल, जुल्फिकार अली, शकील खलीफा, बोदा अंसारी, पार्षद हाजी वकास अंसारी, मिडिया प्रभारी वसीम अहमद, बेलाल नोमनी, खेल प्रेमियों और समाजी कारकुनों ने शिरकत की और मरहूम के नक्श-ए-कदम पर चलने का अज़्म (संकल्प) किया।