संवाद दाता:- सिद्धांत बच्चन
मिर्जापुर। समाजवादी पार्टी के जिला कार्यालय स्थित लोहिया ट्रस्ट पर लोकबन्धु राजनारायण की पुण्यतिथि मनाई गई। कार्यक्रम की अध्यक्षता समाजवादी पार्टी के जिलाध्यक्ष देवी प्रसाद चौधरी ने किया। इस अवसर पर सपा नेताओं एवं कार्यकर्ताओं ने उनके चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धांजली दी। इस मौके पर समाजवादी पार्टी के जिलाध्यक्ष देवी प्रसाद चौधरी ने कहा कि भारतीय राजनीति में जिद और जुनून की अनूठी मिसाल का नाम राजनारायण है। यह वही राजनारायण है जिन्होने इंदिरा गांधी को चुनाव में हराया था। 31 दिसंबर 1986 को अंतिम सांस लेने वाले लोकबंधु राजनारायण में अक्खड़ बनारसीपन झलकता था। बाल सुलभ संवाद करने के लिए चर्चित राजनारायण गलती पर किसी की भी मिट्टी पलीद करने से पीछे भी नहीं रहते थे। इसी स्वभाव के कारण उन्हें मोरार जी देसाई सरकार में स्वास्थ्य मंत्री के पद से इस्तीफा देना पड़ा था। लोकबंधुके लिए समाज और गरीब वर्ग ही प्रमुख लक्ष्य था। इस लक्ष्य की प्राप्ति के लिए वह इस कदर समर्पित थे कि वह वर्षों अपने घर ही नहीं जाते थे। 1977 के चुनाव में इंदिरा गांधी को हराने के बाद पूरे देश में उनका कद बहुत ऊंचा हो गया। एक बार वह मिलने पहुंचीं अपनी पत्नी को ही पहचान नहीं पाए। उनसे पूछ बैठे-‘ आप कौन हैं?’ वह अपने बेटों की शादी तक में शामिल नहीं हुए थे। सन-1878 में रानी विक्टोरिया के राज्यारोहण के बाद उनकी मूर्ति बनारस के बेनियाबाग मैदान में लगाई गई थी। स्थापना के 79 वर्ष बाद उनके नेतृत्व में हुए आंदोलन में विक्टोरिया की मूर्ति तोड़ दी गई।जिलाध्यक्ष ने कहा कि लोकबन्धु राजनारायण के पदचिन्हों पर चलकर समाजवाद को कार्यकर्ता आगे बढ़ाने का काम करें।कार्यक्रम में सुरेन्द्र सिंह पटेल, दामोदर मौर्या, आदर्श यादव, सत्यप्रकाश यादव, राजेश भारतीय, मेवालाल प्रजापति, राम राज यादव, रवि सोनकर, शहनवाज खान, जमाल अहमद, विरेन्द्र यादव, अनीष खान, अभय यादव, बबलू सोनकर, रामजी यादव, राजकुमार यादव, सर्वेश कुमार मौर्य आदि लोग मौजूद रहे।




