गरीबों के हक पर डाका डाल रहे पंचायत सचिव, पीएम आवास योजना सूची से काटा गरीब का नाम तो मुख्यमंत्री से की शिकायत

CRIME स्थानीय समाचार

अनिल कनौजिया
सिरौलीगौसपुर बाराबंकी
भाजपा सरकार ने इसी उम्मीद के साथ प्रधानमंत्री आवास योजना शुरू की थी कि प्रत्येक गरीब व पात्र व्यक्ति के रहने के लिए पक्का आशियाना हो, वहीं गरीब भी यहीं उम्मीद लगाए बैठें हैं कि उन्हें रहने के लिए सिर पर पक्की छत मिलेगीं। लेकिन सच तो यह है कि आज भी गरीब व पात्र व्यक्ति तो योजना का लाभ लेने के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर काट रहे हैं। वहीं अमीर, प्रभावशाली व आपात्र लोगों की बल्लें- बल्ले हो रहीं हैं। आलीशान व बडे-बडे मकान, चौपहिया वाहन, गाड़िया हैं तो कोई बडे जमींदार हैं, राजनीति से लेकर तहसील क्षेत्र के कई प्रभावशाली लोग एवं जनप्रतिनिधि भी शामिल हैं। सभी प्रकार की सुविधाएं इन लोगों के पास होने के बावजूद भी उन्हें प्रधानमंत्री आवास का लाभ लेने के लिए गरीब बन गए हैं। मगर गरीब व पात्र व्यक्ति का प्रधानमंत्री आवास सूची में नाम होने के बावजूद भी पैसों के लालची लोगों ने नाम काट दिया है।‍‌। ताज़ा मामला ब्लाक सिरौलीगौसपुर की ग्राम पंचायत खलसापुर का है रेखा पत्नी सतीश चंद्र ने मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत करते हुए बताया है कि वह मिट्टी व खरफूस के बने छप्पर में रहने को मजबूर हैं आए दिन जान माल का खतरा हमेशा बना रहता है।

इतना ही नहीं आरोप लगाया है कि ग्राम पंचायत सचिव देवेंद्र कुमार वर्मा के द्वारा आवास के नाम 20 हजार रुपए की मांग पूरी ना होने पर हमारा आवास काट दिया गया है । जबकि प्रधानमंत्री आवास सूची में मेरा नाम पहले से दर्ज है।