संवाददाता : रामनरायन राय उर्फ बबलू राय
आजमगढ़ जनपद के कोडर अजमतपुर स्थित आइसेक्ट प्रधानमंत्री कौशल केंद्र पर कौशल विकास और उच्च शिक्षा के क्षेत्र में कार्यरत देश की अग्रणी संस्था आईसेक्ट ने 6 अक्टूबर 2025 से कौशल रथ – कौशल विकास यात्रा 2025 का शुभारंभ किया। यह यात्रा 20 राज्यों के 300 जिलों के 500 स्कूलों, कॉलेजों और शैक्षणिक संस्थानों तक पहुंचेगी और लाखों विद्यार्थियों, युवाओं एवं शिक्षकों को कौशल विकास तथा नवीनतम तकनीकों से परिचित कराएगी। निति आयोग ने विकसित भारत 2047 के लिए एआई को केंद्रीय भूमिका दी है। आईसेक्ट का यह अभियान इसी दृष्टि को जमीनी स्तर तक हुँचाने का प्रयास है।
इस वर्ष यात्रा का मुख्य आकर्षण A1 Literacy Mission है। आईसेक्ट के विशेष रूप से तैयार किए गए कौशल रथ के माध्यम से यह अभियान गाँव-गाँव और शहर-शहर तक पहुँचेगा। इन वाहनों में एआई, एआरवीआर जैसी भविष्य की तकनीकों से संबंधित सामग्री, डेमो और जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी। यात्रा के दौरान निःशुल्क एआई सेमिनार, कार्यशालाएँ, करियर काउंसलिंग सत्र और तकनीकी प्रदर्शन भी आयोजित किए जाएंगे।
आईसेक्ट ने इस यात्रा के चार प्रमुख उद्देश्य निर्धारित किए हैं:
1. विद्यार्थियों, शिक्षकों और स्किल नॉलेज प्रोवाइडर्स (SKPs) को एआई शिक्षा में प्रशिक्षित करना।
2. निःशुल्क सेमिनार और कार्यशालाओं के माध्यम से समुदायों को जोड़ना। 3 . स्कूलों और कॉलेजों के साथ सहयोग बढ़ाकर संस्थागत नेटवर्क को मजबूत करना।
4. विद्यार्थियों का समूह तैयार कर भविष्य की प्रशिक्षण आवश्यकत्ताओं की पहचान करना।
यात्रा के दौरान आईसेक्ट एन.एस.डी.सी. (NSDC) साझेदारी में संचालित 250़ृषि अधिक डिप्लोमा और सर्टिफिकेट कोर्सेस की जानकारी दी जाएगी। इनमें कंप्यूटर, आईटी, फ्यूचर स्किल्स, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं हार्डवेयर, बैंकिंग और फाइनेंस, शिक्षक प्रशिक्षण, कृषि आधारित पाठ्यक्रम तथा रिटेल जैसे रोजगारोन्मुख विषय शामिल हैं। आईसेक्ट इन कार्यक्रमों के माध्यम से युवाओं को प्रशिक्षण देकर रोजगार के अवसरों से जोड़ रहा है।
यात्रा के प्रत्येक पड़ाव पर सेमिनार और कार्यशालाएँ आयोजित की जाएँगी, जिसमें विषय विशेषज्ञ विद्यार्थियों को एआई के महत्व, कौशल विकास की भूमिका और करियर अवसरों के बारे में मार्गदर्शन देंगे। मुख्य अतिथि और शिक्षाविद भी इन कार्यक्रमों में शामिल होंगे। इन सेमिनारों में विद्यार्थी वर्ग, युवा, रोजगार चाहने वाले, शिक्षाविद और बुद्धिजीवी भाग लेंगे।
यात्रा के पश्चात, शहर के विभिन्न आईसेक्ट केंद्रों में एक सप्ताह तक निःशुल्क एआई सेमिनार और ऑन-द-स्पॉट काउंसलिंग का आयोजन किया जाएगा, ताकि वे छात्र और युवा जो यात्रा में उपस्थित नहीं हो पाए. भी इसका लाभ ले सकें।
आईसेक्ट के प्रवक्ता ने बताया, “कौशल विकास यात्रा 2025 केवल एक शैक्षणिक अभियान नहीं है, बल्कि यह युवाओं को भविष्य की तकनीकों से जोड़ने उन्हें रोजगारोन्मुख शिक्षा उपलब्ध कराने और भारत को विकसित राष्ट्र बनाने की दिशा में एक ठोस पहल है। भविष्य में एआई आधारित कौशल ही युवाओं को बेहतर रोजगार दिलाने की सबसे बड़ी कुंजी साबित होंगे।”
आईसेक्ट को अब तक कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों द्वारा कौशल विकास और शिक्षा में नवाचार हेतु सम्मानित किया जा चुका है। इस यात्रा के माध्यम से संस्था अपनी जिम्मेदारी को और आगे बढ़ा रही है. ताकि भारत का हर युवा नए युग की तकनीकों से सशक्त होकर भविष्य की चुनौतियों का सामना कर सके।
आईसेक्ट की रीजनल मैनेजर प्रिंसी राय सिंह ने कहा कि इन यात्राओं के माध्यम से आईसेक्ट राज्य के युवाओं में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का उपयोग, एआई एवं फ्यूचर स्किल पाठ्यक्रम के प्रति जागरूकता और कौशल विकास का महत्व फैलाना चाहता है। भविष्य में भारत के विकास और निर्माण में एआई आधारित कौशल का विशेष महत्व रहेगा और इन स्किल्स में पारंगत व्यक्ति ही बेहतर रोजगार प्राप्त कर सकेगा। यात्रा के दौरान आयोजित कार्यक्रम युवाओं को यह भी बताएँगे कि कौन से कौशल उन्हें अधिक रोजगार के अवसर प्रदान करेंगे।”




