स्कूल वाहनों में सुरक्षा के नियमों की अनदेखी, बच्चों की जान पर बना रहता हैं खतरा।
संवाददाता उमाकांत विशकर्मा
बलिया: रसड़ा शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में बड़ी संख्या में बिना मानक और सुरक्षा नियमों का पालन किए स्कूल वाहन संचालित हो रहे हैं। प्रशासन और शिक्षा विभाग के आदेशों के बावजूद जिम्मेदारों की लापरवाही से छोटे-छोटे बच्चे असुरक्षित यात्रा करने को मजबूर हैं।
सुबह-शाम बच्चों से ठसाठस भरे मैजिक, वैन और ऑटो सड़कों पर दौड़ते नजर आते हैं। न तो वाहनों में फर्स्ट एड बॉक्स मिलता है, न ही ड्राइवर-परिचालक की पहचान तय है। सीट बेल्ट और अग्निशमन यंत्र जैसी बुनियादी सुविधाएं भी नदारद हैं।
प्रशासन का आदेश है कि स्कूल वाहनों पर स्कूल का नाम-पता अंकित होना चाहिए, निर्धारित रूट परमिट, फिटनेस सर्टिफिकेट और वाहन में बच्चों की संख्या का मानक के साथ सुरक्षा उपकरण अनिवार्य हैं। लेकिन हकीकत यह है कि अधिकांश वाहन इन मानकों से कोसों दूर हैं।
अभिभावकों का कहना है कि वे बच्चों की सुरक्षा को लेकर हमेशा चिंतित रहते हैं। यदि किसी बड़े हादसे की स्थिति बनती है तो जिम्मेदारी तय करना मुश्किल हो जाएगा।
स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ताओं ने जिला प्रशासन से मांग की है कि जल्द से जल्द अभियान चलाकर ऐसे स्कूल वाहनों पर कार्रवाई की जाए, ताकि मासूम बच्चों की जान सुरक्षित रहे।




