ब्रेकिंग न्यूज़आज़मगढ़। यूपी कॉप ऐप से FIR डाउनलोड कर पीड़ितों की जानकारी जुटाकर QR कोड के जरिए ठगी करने वाले अंतरराज्यीय साइबर गैंग का आज़मगढ़ पुलिस ने भंडाफोड़

Agriculture Breaking

संवाददाता राम आशीष सिंह राठौर आजमगढ़

आज़मगढ़। यूपी कॉप ऐप से FIR डाउनलोड कर पीड़ितों की जानकारी जुटाकर QR कोड के जरिए ठगी करने वाले अंतरराज्यीय साइबर गैंग का आज़मगढ़ पुलिस ने भंडाफोड़  किया है। साइबर सेल और थाना जहानागंज की संयुक्त कार्रवाई में पकड़े गए दोनों आरोपी उत्तर प्रदेश सहित छत्तीसगढ़, तमिलनाडु, तेलंगाना, दिल्ली, कर्नाटक, महाराष्ट्र और ओडिशा तक फैली साइबर ठगी में शामिल पाए गए। आरोपियों से फर्जी पुलिस परिचय पत्र, आधार कार्ड, मोबाइल और सिमकार्ड भी बरामद हुए, जो इनके हाई-टेक नेटवर्क की पुष्टि करते हैं। मामला तब सामने आया जब बीते 25 दिसम्बर को झौवा, मेहनगर निवासी सविता ने पुलिस को बताया कि उनके मोबाइल पर कॉल कर एक व्यक्ति ने खुद को सिपाही रंजीत बताते हुए कहा कि उनकी लापता लड़की मिल गई है और उसे लेने जा रहे हैं। कॉलर ने तुरंत QR कोड पर 24,000 रुपये भेजने का दबाव बनाया। भय और जल्दबाज़ी में वादिनी ने किसी तरह 22,000 रुपये भेज दिए, जिसके बाद कॉलर ने नंबर बंद कर दिया। इस पर थाना जहानागंज में मुकदमा दर्ज किया गया। जांच के दौरान सर्विलांस और साइबर सेल को महत्वपूर्ण इनपुट मिले, जिसके आधार पर मंगलवार को थानाध्यक्ष जहानागंज अतुल कुमार मिश्रा की टीम ने आज़मगढ़ रेलवे स्टेशन के पूर्वी छोर से दो संदिग्ध व्यक्तियों अंकित यादव और दीनदयाल यादव निवासीगण टीकमगढ़ (मध्यप्रदेश को गिरफ्तार कर लिया । एसपी ग्रामीण चिराग जैन ने बताया कि पूछताछ में अभियुक्तों ने स्वीकार किया कि वे UPCOP ऐप से एफआईआर डाउनलोड कर पीड़ितों का नाम-पता निकलते थे। बाद में इंटरनेट के जरिए ग्राम प्रधानों या संबंधित व्यक्तियों के नंबर ढूंढते थे और फिर पुलिसिया दबाव या मदद के बहाने अलग-अलग QR कोड भेजकर ठगी करते थे। गिरफ्तारी के दौरान पुलिस ने दो मोबाइल, एक फर्जी पुलिस आईडी, चार फर्जी आधार कार्ड, एक टूटा जियो सिम और दो टूटे एयरटेल सिम बरामद किए। आरोपियों के मोबाइल में कई जिलों की डाउनलोड FIR मिलीं, जिससे इनके संगठित नेटवर्क की पुष्टि होती है। एसपी ग्रामीण ने बताया कि NCRP जांच में यह भी सामने आया कि गिरोह की गतिविधियों से जुड़ी साइबर शिकायतें उत्तर प्रदेश में 15, जबकि छत्तीसगढ़, दिल्ली, तमिलनाडु, तेलंगाना, कर्नाटक, महाराष्ट्र और ओडिशा में 1-1 मामले से लिंक मिलीं । कुल मिलाकर 11 राज्यों में 26 साइबर क्राइम लिंक सामने आए हैं, जो इस गैंग की इंटर-स्टेट सक्रियता को दर्शाते हैं।