संवाददाता आशीष सिंह राठौड़आजमगढ़ । निजामाबाद तहसील क्षेत्र के फरिहा बाजार के निकट बघौरा गांव के वृद्धाश्रम में बुधवार को संस्था के प्रबंधक श्याम पांडे द्वारा सर्व प्रथम बाबा साहब के चित्र पर माल्यार्पण करके उनके नीतियों पर चलने का प्रयास करने की बात कही गई। संचालन कर रहे अभिजीत राय ने कहा की विदेश जाकर अर्थशास्त्र की डिग्री लेने वाले पहले भारतीय बाबा साहब थे । 1926 में पढ़ाई पूरी कर मुंबई आने पर उन्हें मुंबई विधानसभा का सदस्य चुना गया । उन्होंने कहा कि स्वतंत्र भारत के वह पहले कानून मंत्री बने, वहीं 1990 में उन्हें भारत का सबसे बड़ा पुरस्कार भारत रत्न देकर उन्हें सम्मानित किया। 6 दिसंबर 1956 को बाबा साहब पंच तत्व में विलीन हो गए । बाबा साहब भारतीय संविधान के शिल्पकार होने के साथ-साथ सामाजिक समरसता के अमर पुरोधा थे । जिन्होंने शोषितों और वंचितों के कल्याण के लिए अपना जीवन समर्पित कर दिया । इस अवसर पर अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे ।




