आजमगढ़ मंडल हेड ब्यूरो रामनरायन राय उर्फ बबलू राय:
जनसेवा की मिसाल,शाह आलम उर्फ गुड्डू जमाली ने 7 दिवसीय जनसुनवाई में सैकड़ों लोगों की समस्याएं सुलझाईं
आजमगढ़, जनसेवा को सर्वोपरि मानते हुए शाह आलम उर्फ गुड्डू जमाली ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि राजनीति केवल सत्ता का माध्यम नहीं, बल्कि समाज सेवा का सशक्त जरिया भी है। 22 मार्च से 28 मार्च तक अपने आवास बाजबहादुर पर आयोजित सात दिवसीय जनसुनवाई कार्यक्रम में उन्होंने सैकड़ों लोगों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं गंभीरता से सुनीं और कई मामलों में मौके पर ही समाधान कराया।
इस दौरान क्षेत्र के विभिन्न गांवों और कस्बों से आए लोगों की लंबी कतारें उनके आवास पर लगी रहीं। सबसे खास बात यह रही कि उन्होंने आर्थिक रूप से कमजोर लोगों की खुलकर मदद की। कार्यक्रम के दौरान कुल ₹4,45,500 की सहायता राशि चेक के माध्यम से वितरित की गई, जिससे कई जरूरतमंद परिवारों को तत्काल राहत मिली।
विशेष रूप से गरीब परिवारों की बेटियों के विवाह, बच्चों की शिक्षा और जरूरतमंदों के जीवन-यापन के लिए सहयोग प्रदान किया गया। इस पहल ने लोगों के बीच भरोसा और उम्मीद दोनों को मजबूत किया।
इस अवसर पर शाह आलम उर्फ गुड्डू जमाली ने कहा कि “जनता की सेवा करना और उनके दुख-दर्द में साथ खड़ा रहना ही मेरा सबसे बड़ा कर्तव्य है। गरीब और असहाय लोगों की मदद करना मेरे लिए राजनीति नहीं, बल्कि इंसानियत और सामाजिक जिम्मेदारी है।”
उनकी यह पहल केवल आर्थिक सहायता तक सीमित नहीं रही, बल्कि समाज में एक सकारात्मक संदेश भी छोड़ गई कि जनप्रतिनिधि का असली दायित्व जनता के बीच रहकर उनकी समस्याओं का समाधान करना है।
आजमगढ़ में लोग उन्हें सिर्फ एक नेता ही नहीं, बल्कि गरीबों का सहारा और दरियादिल इंसान मानते हैं। उनकी यह पहल क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है और हर वर्ग के लोग उनकी सराहना कर रहे हैं।
यह कार्यक्रम एक सच्चे जनसेवक की पहचान बनकर उभरा है, जो यह दर्शाता है कि सेवा भावना ही असली राजनीति है और वही जनप्रतिनिधि सफल है, जो हर जरूरतमंद के साथ खड़ा रहे।




