संवाददाता : रामनरायन राय उर्फ बबलू राय
आजमगढ़ जनपद के सगड़ी तहसील अंतर्गत ग्राम सभा भटौली इब्राहिमपुर (अजमतगढ़) में इस वर्ष भी परंपरागत तरीके से भव्य रामलीला का आयोजन चल रहा रहा है। मंच पर हवन, संकल्प और धार्मिक विधि-विधान के साथ कार्यक्रम की शुरुआत हुई। भटौली इब्राहिमपुर की यह रामलीला लगभग 30 से 40 वर्षों से निरंतर आयोजित की जा रही है और अब यह ग्राम सभा की एक प्रतिष्ठित परंपरा बन चुकी है। इस रामलीला की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसका मंचन राधेश्याम रामायण की शैली में किया जाता है, जिसे कभी स्वर्गीय गिरीश चंद्र उपाध्याय जी ने गाँव में आरंभ कराया था। उनके मार्गदर्शन और कला के संस्कार आज भी ग्रामवासियों में जीवित हैं। इस वर्ष 14 अक्तूबर 2025 को मंचित हुआ सीता स्वयंवर प्रसंग और परशुराम-लक्ष्मण संवाद दर्शकों के लिए मुख्य आकर्षण रहे। वीर रस और श्रृंगार रस से भरपूर इस संवाद को देखने के लिए आसपास के गाँवों और दूर-दराज़ क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु और दर्शक पहुंचे। ग्राम सभा के कलाकारों ने अपने जीवंत अभिनय से दर्शकों का दिल जीत लिया। दर्शकों द्वारा लक्ष्मण की भूमिका निभा रहे कलाकार की बड़ी प्रशंसा की गई देखने से यह प्रतीत हो रहा था कि वास्तव में भगवान राम और लक्ष्मण धरातल पर उतर आए हैं।
मुख्य भूमिका में निम्न कलाकार इस प्रकार रहे,
राम – उत्तम सिंह, लक्ष्मण – भास्कर सिंह उर्फ रिंकू सिंह (सह संपादक, हिंदी मासिक पत्रिका सारण दृष्टि व नेशनल खबर 9)
सीता – राजेश गुप्ता, जनक – विनोद गुप्ता,परशुराम – राजेश सिंह उर्फ दादा,बंदी जैन – चंदन सिंह
ग्राम सभा के प्रत्येक व्यक्ति ने आयोजन की सफलता में सक्रिय योगदान दिया। पूरी समिति और ग्रामवासी मिलकर इस ऐतिहासिक परंपरा को बनाए रखे हुए हैं। भटौली इब्राहिमपुर की रामलीला न केवल आज़मगढ़ जनपद में, बल्कि आसपास के जिलों में भी चर्चा का विषय बनी हुई है। यह आयोजन न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि सांस्कृतिक एकता और लोक कला के संरक्षण का प्रेरक उदाहरण भी प्रस्तुत करता है।




