Barabanki: कोरोना टीकाकरण के लिए भेजी गई कोरोना वैक्सीन, केवल 20 दिन बची एक्सपायरी

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बाराबंकी: कोरोना टीकाकरण जिले में सितंबर से बंद चल रहा है। अब टीकाकरण शनिवार से जिला अस्पताल, जिला महिला अस्पताल समेत सभी सीएचसी पर शुरू किया जा रहा है। परंतु देखने वाली बात ये है कि जिस कोरोना वैक्सीन को लोगों को लगाने के लिए भेजा गया है, उसकी एक्सपायरी में महज 20 दिन ही बचे हैं। इस तरह वैक्सीन का प्रयोग नौ फरवरी से पहले कर लिया जाना है। इसीलिए जिले में कोरोना टीकाकरण की तैयारियां तेज कर दी गई हैं। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार जिले में 24 लाख लोगों को कोरोना वैक्सीन के दोनों टीके लगाए जा चुके हैं। इसके बाद शासन ने आदेश किया कि सभी लोगों को बूस्टर डोज लगाई जानी है। इसके लिए 18 लाख लोगों को चिह्नित किया गया। यह कार्यक्रम जिले में 30 सितंबर तक चला और महज सात लाख लोगों को ही बूस्टर डोज लगाई जा सकी, जबकि 11 लाख लोग बूस्टर डोज से वंचित रह गए।

कहा गया कि ज्यादातर लोग बूस्टर डोज लगवाने में रुचि नहीं दिखा रहे हैं। जबकि हकीकत ये थी कि इसके लिए कोई प्रचार-प्रसार नहीं किया गया। हालात ये हैं कि करीब पांच माह से कोरोना वैक्सीन की एक भी खुराक जिले में मौजूद नहीं है। ऐसे में कोविड से बचाव के जो दावे किए जा रहे थे, वह सिर्फ जांच और बचाव के तरीके बताने तक सीमित रहे।
अब फिर से शनिवार से कोरोना टीकाकरण शुरू किया जा रहा है। परंतु कोविशील्ड की जो 20,400 वायल जिले में भेजी गई हैं, उसकी एक्सपायरी नौ फरवरी है। जबकि डॉक्टरों का मत है कि जिस दवा की एक्सपायरी तारीख दो माह रह जाती है, तब उसका प्रयोग रोक दिया जाता है। चिकित्सकों का कहना है कि दवा खराब नहीं होती है, किंतु उसकी गुणवत्ता घटने लगने लगती है। इसी सतर्कता के लिए एक्सपायरी तारीख लिखी जाती है। चिकित्सकों के कहने के मुताबिक माना जाए तो जिले में भेजी गई वैक्सीन कितना काम करेगी, इस पर संशय खड़ा हो गया है।

वर्जन
एक्सपायरी डेट का मतलब ये होता है कि उस अवधि तक हम उस दवा का इस्तेमाल कर लें। इसके बाद वह खराब नहीं होती है, बल्कि उसकी गुणवत्ता धीरे-धीरे कम जरूर होने लगती है। यदि दवा दो माह पहले एक्सपायर हो चुकी है तो उसका प्रयोग नहीं करना चाहिए। कोरोना की जो वैक्सीन मिली है, उसकी एक्सपायरी में अभी करीब 20 दिन शेष हैं।
डॉ. अवधेश कुमार यादव, सीएमओ