बकाये बिल में लाइनमैन की रिश्वतखोरी का मामला हुआ उजागर, मंडल अध्यक्ष की दखल पर वापस हुई राशि

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संवाददाता : रामनरायन राय उर्फ बबलू राय
आजमगढ़ जनपद के विद्युत उपखंड पटवध कौतुक अंतर्गत एक बड़ा मामला सामने आया है, जहां विभाग में तैनात संविदा लाइनमैन रवि मौर्य पर बकाया बिजली बिल के नाम पर उपभोक्ता से रिश्वत लेने का गंभीर आरोप लगा है। बता दे मानपुर गांव के उपभोक्ता मनीष राय उर्फ मुन्ना राय का करीब 22,000 बिजली बिल बकाया था। इसी को लेकर लाइनमैन रवि मौर्य ने उनसे तत्काल भुगतान करने का दबाव बनाना शुरू कर दिया। उपभोक्ता मनीष राय उर्फ़ मुन्ना राय ने लाइनमैन से एक सप्ताह का समय मांगा, लेकिन आरोप है कि लाइनमैन ने उनके खिलाफ गंभीर मुकदमे में फंसाने की धमकी देते हुए तुरंत भुगतान की मांग की । डर और दबाव में आए उपभोक्ता ने अपनी आर्थिक स्थिति का हवाला देते हुए बताया कि उनके पास सिर्फ ट्रैक्टर की जुताई से कमाए 11,000 रुपये ही उपलब्ध हैं। आरोप है कि संविदा लाइनमैन ने कहा कि 20,000 दे दीजिए, अधिकारियों को मना लेंगे”, लेकिन जब मनीष राय उर्फ मुन्ना राय ने बताया कि उनके पास सिर्फ 11,000 रुपये हैं, तो लाइनमैन ने वही रकम ले ली। घटना से परेशान मनीष राय उर्फ मुन्ना राय ने इसकी जानकारी तुरंत भाजपा मंडल अध्यक्ष बिलरियागंज रूद्रप्रकाश राय को दी। मामले को गंभीरता से लेते हुए मंडल अध्यक्ष ने अवर अभियंता जेई रितेश कुमार चौधरी को सूचना दी। अवर अभियंता ने लाइनमैन रवि मौर्य से पूछताछ कर फटकार लगाई और रकम वापस करने का निर्देश दिया। बताया जा रहा है कि दबाव बढ़ने के बाद दो दिन के अंदर ही लाइनमैन रवि मौर्य ने रिश्वत में ली गई पूरी राशि 11,000 वापस कर दी। मामले पर बातचीत के दौरान मंडल अध्यक्ष रूद्रप्रकाश राय ने कहा कि बिजली मंत्री ए के शर्मा उपभोक्ताओं के प्रति शालीनता और सेवा भाव के साथ कार्य करने का निर्देश दे रहे हैं, लेकिन विभाग के कुछ कर्मचारी सरकार की छवि धूमिल करने में लगे हैं। लाइनमैन रवि मौर्य के खिलाफ क्षेत्र में पहले भी शिकायतें मिलती रही हैं।उन्होंने अपने लेटर पैड पर एसडीओ बिलरियागंज तुषार श्रीवास्तव को लिखित शिकायत भेजते हुए लाइनमैन को तत्काल विभाग से बाहर करने की मांग की है। एसडीओ ने मंडल अध्यक्ष को भरोसा दिलाया है कि अवर अभियंता द्वारा जांच कराई जाएगी और दोषी पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। मंडल अध्यक्ष रूद्रप्रकाश राय ने स्पष्ट कहा कि यदि विभाग स्तर पर उचित कार्रवाई नहीं की गई, तो मैं सीधे मुख्य अभियंता या फिर ऊर्जा मंत्री से मिलकर शिकायत करूंगा। अब लोगों की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि बिजली विभाग भ्रष्टाचार के ऐसे मामलों पर क्या कड़ी कार्रवाई करता है, ताकि उपभोक्ताओं में विभाग के प्रति भरोसा कायम रहे और रिश्वतखोरी पर अंकुश लग सके।