संवाद दाता शमीम हसन
वाराणसी । दिनांक 07/04/2025 को कालीमहल क्षेत्र में स्थित शिया मस्जिद से सोमवार को एक ऐतिहासिक विरोध जुलूस निकाला गया। यह जुलूस सऊदी अरब सरकार के खिलाफ निकाला गया।जिसकी नींव 100 साल पहले मदीना में जन्नतुल बकी कब्रिस्तान में हुए विध्वंस के विरोध में रखी गई थी। 8 शव्वाल, इस्लामी कैलेंडर के अनुसार ईद के आठवें दिन, वर्ष 1925 में सऊदी सरकार ने मदीना स्थित
ऐतिहासिक कब्रिस्तान जन्नतुल बकी में पैगंबर मोहम्मद साहब की बेटी फात्मा जहरा और चार प्रमुख इमामों के मकबरों को गिरवा दिया था। इसी घटना की बरसी पर पिछले 50 वर्षों से शिया समुदाय हर साल इस दिन को काला दिन के रूप में मनाते हुए विरोध मार्च निकाला जाता है। जुलूस का संचालन अंजुमन हैदरी चौकी, बनारस द्वारा किया गया, जिसमें शहर की कई अन्य शिया अंजुमनों ने भी भाग लिया। जुलूस के दौरान ‘सऊदी सरकार (मुर्दाबाद’ जैसे नारे लगाए गए और मांग की गई कि पैगंबर साहब की बेटी के रौजे का पुनर्निर्माण कराया जाए। हाजी फरमान हैदर ने भारत सरकार से अपील किया कि राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री को चाहिए कि वे इस मुद्दे को सऊदी सरकार के समक्ष उठाएं और मकबरे के पुनर्निर्माण की अनुमति दिलवाएं। प्रशासन की ओर से जुलूस को लेकर कड़े सुरक्षा इंतजाम किए गए थे। यह जुलूस चेतगंज, दशाश्वमेध, चौक और कोतवाली थाना क्षेत्रों से होकर गुजरा। सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर पुलिस के जवान जुलूस के साथ-साथ चल रहे थे।




