नई दिल्ली: विश्व हिंदू परिषद (VHP) ने सोमवार को मणिपुर में हुई हिंसा की निंदा करने के साथ-साथ राज्य में शांति की अपील की है। दरअसल राज्य में हाल की हिंसक झड़पों में अब तक 73 लोगों की मौत हो चुकी है। इस जातीय संघर्ष के दस दिनों के बाद हजारों लोग अपने घरों से विस्थापित हो गए हैं। वीएचपी के राष्ट्रीय महासचिव मिलिंद परांडे ने एक वीडियो संदेश जारी करते हुए कहा कि में राज्य में दो समुदायों के बीच हिंसक झड़पों के दौरान न केवल चर्च ही नहीं बल्कि मंदिरों को भी नष्ट किया गया है। परांडे ने कहा कि मणिपुर में हिंसा निंदनीय है।
वीएचपी शांति की अपील करती है।साथ ही हिंसा की घटनाओं को तुरंत बंद करने की जरूरत है। उन्होंने ये भी कहा कि ऐसी गलत धारणा बनाई जा रही है कि हिंसा में केवल चर्चों को ही नुकसान पहुंचा है।

40 से अधिक मंदिरों को किया गया नष्ट: VHP
वीडियो में उन्होंने हिंसा के दौरान मेइती समुदाय के 40 से अधिक मंदिरों को भी नष्ट करने की भी बात कही गई है। साथ ही इनका पुनर्निर्माण करने की अपील की गई है। वीडियो में उन्होंने बताया कि वीएचपी प्रभावित लोगों की सेवा कर रहा है और उन्हें भोजन और स्वास्थ्य देखभाल सेवाएं प्रदान कर रहा है।
हिंसक झड़प में कुल 73 लोगों की मौत
मेइती समुदाय की अनुसूचित जनजाति (एसटी) दर्जे की मांग के विरोध में 3 मई को 10 पहाड़ी जिलों में ‘आदिवासी एकजुटता मार्च’ आयोजित किए जाने के बाद मणिपुर में हिंसक झड़पें हुईं। आरक्षित वन भूमि से कूकी ग्रामीणों को बेदखल करने पर तनाव से पहले हिंसा हुई थी, जिसके कारण कई छोटे-छोटे आंदोलन हुए थे। इन झड़पों में कुल 73 लोग मारे गए और 231 घायल हुए। अधिकारियों के अनुसार, राज्य में हिंसा के दौरान धार्मिक स्थलों सहित 1,700 घर भी जलाए गए।




