बिजली के तार से मंडरा रहा खतरा, ग्रामीणों का आरोप,कभी भी हो सकती है बड़ी दुर्घटना, एक हफ्ते का अल्टीमेटम

CRIME

आजमगढ़ मंडल ब्यूरो रामनरायन राय उर्फ बबलू राय की खास रिपोर्ट

बिजली के तार से मंडरा रहा खतरा, ग्रामीणों का आरोप,कभी भी हो सकती है बड़ी दुर्घटना, एक हफ्ते का अल्टीमेटम

आजमगढ़ जनपद के बिलरियागंज क्षेत्र अंतर्गत विद्युत उपकेंद्र पटवार कौतुक से सप्लाई होने वाली बिजली व्यवस्था को लेकर श्रीनगर सियरहां गांव के ग्रामीणों ने गंभीर आरोप लगाए हैं। प्राथमिक विद्यालय श्रीनगर सियरहां के पास से गुजरे विद्युत तार को लेकर ग्रामीणों में भारी आक्रोश व्याप्त है। उनका कहना है कि विभाग की लापरवाही से कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।
ग्रामीणों के अनुसार, पहले विद्यालय के पूर्वी छोर से 440 वोल्ट का पुराना विद्युत तार खंभों के सहारे सुरक्षित तरीके से गुजरा हुआ था, जिससे किसी प्रकार की परेशानी नहीं थी। लेकिन हाल ही में बिजली विभाग द्वारा उस तार को हटाकर स्कूल के दूसरे गेट के सामने मुख्य मार्ग से दक्षिण दिशा की ओर शिफ्ट कर दिया गया।
सबसे गंभीर बात यह है कि जिस पोल से 440 वोल्ट का तार गुजारा गया है, उसी पोल पर ऊपर से 11,000 वोल्ट का हाईटेंशन तार भी गुजर रहा है, लेकिन सुरक्षा के लिहाज से कोई सेफ्टी वायर या आवश्यक प्रोटेक्शन नहीं लगाया गया है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि किसी कारणवश 11 हजार वोल्ट का तार टूटकर नीचे 440 वोल्ट लाइन पर गिर गया, तो पूरे गांव और बाजार में भीषण दुर्घटना हो सकती है।
इसी खतरे को देखते हुए ग्रामीणों ने एकजुट होकर श्रीनगर सियरहां बाजार में विभाग के खिलाफ विरोध जताया। साथ ही उन्होंने एक्सईएन (अधिशासी अभियंता) से मोबाइल पर वार्ता कर मामले की शिकायत मुख्यमंत्री एवं ऊर्जा मंत्री के पोर्टल पर भी दर्ज कराई है।
ग्रामीणों का कहना है कि पहले से मौजूद लाइन से विद्यालय को कोई नुकसान नहीं था, फिर भी विभाग ने बिना ठोस कारण के शिफ्टिंग कर दी। यदि शिफ्टिंग करनी ही थी, तो 440 वोल्ट की लाइन को केबल के माध्यम से सुरक्षित तरीके से जोड़ा जाना चाहिए था। वर्तमान स्थिति में मुख्य मार्ग से गुजरती यह लाइन किसी भी बड़ी गाड़ी या राहगीर के संपर्क में आ सकती है, जिससे दुर्घटना की आशंका बनी रहती है।
विशेष रूप से उन्होंने यह भी चिंता जताई कि विद्यालय के बच्चे राष्ट्रीय पर्व जैसे 26 जनवरी और 15 अगस्त पर झंडा लेकर निकलते हैं, ऐसे में यह तार उनके लिए जानलेवा साबित हो सकता है।
ग्रामीणों ने बिजली विभाग को एक सप्ताह का अल्टीमेटम देते हुए चेतावनी दी है कि यदि इस अवधि में समस्या का समाधान नहीं किया गया, तो वे आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी संभावित दुर्घटना की पूरी जिम्मेदारी विभाग की होगी।
इस मामले पर जब उपखंड अधिकारी बिलरियागंज तुषार श्रीवास्तव से वार्ता की गई, तो उन्होंने बताया कि शिक्षा विभाग के पत्र के आधार पर विद्यालय परिसर से गुजर रहे तार को हटाने की कार्रवाई की गई थी। उन्होंने आश्वासन दिया कि वे स्वयं मौके का निरीक्षण करेंगे और यदि कोई तकनीकी खामी पाई जाती है, तो उच्च अधिकारियों से वार्ता कर उसका समाधान कराया जाएगा।
इस दौरान प्रदर्शन में प्रमुख रूप से डॉ. विजेंद्र राय, विपिन राय उर्फ रिंकू राय, राजकुमार राय, शिम्पु राय, रामनयन राय, निशाकांत राय सहित अनेक ग्रामीण उपस्थित रहे।
फिलहाल गांव में दहशत का माहौल है और सभी की निगाहें बिजली विभाग की अगली कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।