संपूर्ण समाधान दिवस बना औपचारिकता, नगर पंचायत में अनियमितताओं के आरोपों ने बढ़ाई चिंता

स्थानीय समाचार

बाराबंकी।

तहसील सभागार रामनगर में शनिवार को आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में फरियादियों का भारी हुजूम देखने को मिला। हाथों में प्रार्थना पत्र लिए लोग अपनी बारी का इंतजार करते नजर आए, लेकिन दूसरी ओर सभागार में बैठे अधिकांश अधिकारी व कर्मचारी मोबाइल में व्यस्त दिखाई दिए, जिससे पूरे आयोजन की गंभीरता पर सवाल खड़े हो गए।

इस दौरान मोहल्ला धमेड़ी-4 निवासी शेष नारायण ने आरोप लगाया कि लेखपाल और कानूनगो की मिलीभगत से उनके खेत की वरासत विपक्षी के नाम कर दी गई, जबकि मामला कोर्ट में विचाराधीन है। उन्होंने बताया कि शिकायत लेकर कई बार अधिकारियों के चक्कर लगाने के बावजूद उन्हें न्याय नहीं मिल पाया।

वहीं मोहल्ला लखरौरा की कनीज बेगम ने बताया कि वह पिछले तीन वर्षों से आवास के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर काट रही हैं, लेकिन आज तक कोई सुनवाई नहीं हुई। उन्होंने कहा कि सरकार गरीबों को आवास देने का दावा करती है, लेकिन जमीनी स्तर पर अधिकारी उदासीन बने हुए हैं, जिससे उनका परिवार खुले आसमान के नीचे जीवन यापन करने को मजबूर है।

ग्राम अतरौली मजरे विलखिया के राम प्रकाश यादव और मान सिंह ने बताया कि पिछले एक वर्ष से गांव में पानी की सप्लाई ठप पड़ी है। कई बार शिकायत के बावजूद समस्या जस की तस बनी हुई है। महादेवा निवासी उमेश तिवारी ने आरोप लगाया कि उनकी पुश्तैनी जमीन पर ग्राम प्रधान द्वारा जबरन कब्जा किया जा रहा है और विरोध करने पर अभद्रता की जाती है।

इसी क्रम में ग्राम खेतौरा की सीता देवी ने जिलाधिकारी को दिए गए शिकायती पत्र का हवाला देते हुए बताया कि उनकी पुश्तैनी जमीन पर जबरन रास्ता निर्माण कराया जा रहा है। एक सप्ताह बीत जाने के बावजूद अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई, जिससे पीड़िता न्याय के लिए दर-दर भटकने को मजबूर है।

सूत्रों के अनुसार, संपूर्ण समाधान दिवस महज औपचारिकता बनकर रह गया है। सैकड़ों की संख्या में आने वाले फरियादियों में से केवल कुछ ही मामलों का मौके पर निस्तारण कर अधिकारियों द्वारा अपनी जिम्मेदारी पूरी मान ली जाती है। आज के समाधान दिवस में कुल 77 प्रार्थना पत्र प्राप्त हुए, जिनमें से मात्र 5 का ही तत्काल निस्तारण किया गया, जबकि 72 शिकायतें लंबित रह गईं। ऐसे में सवाल उठता है कि क्या इन शिकायतों का समाधान वास्तव में होगा या फिर ये फाइलों में दबकर रह जाएंगी।

नगर पंचायत में भी उठे घोटाले के आरोप, जांच की मांग तेज

इसी बीच नगर पंचायत रामनगर में भी अनियमितताओं को लेकर स्थानीय लोगों ने गंभीर आरोप लगाए हैं। लोगों का कहना है कि चेयरमैन राम शरण पाठक के प्रभाव में अधिकारी कार्य कर रहे हैं, जिससे सरकारी योजनाओं में पारदर्शिता प्रभावित हो रही है। सूत्रों के मुताबिक, नगर क्षेत्र में चल रहे विभिन्न सरकारी कार्यों में घोटाले की आशंका जताई जा रही है। साथ ही कांशीराम कॉलोनी में अपात्र लोगों को आवंटन दिए जाने की शिकायतें भी सामने आई हैं, जिससे वास्तविक लाभार्थियों को योजनाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है। स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि कांशीराम कॉलोनी के अपात्र लाभार्थियों के आवंटन निरस्त कराए जाएं और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। लोगों ने प्रदेश के मुख्यमंत्री से हस्तक्षेप की मांग करते हुए नगर पंचायत में चल रहे सभी सरकारी कार्यों की उच्च स्तरीय जांच कराने की अपील की है, ताकि भ्रष्टाचार पर रोक लग सके और योजनाओं का लाभ सही लोगों तक पहुंच सके।