कम्पोजिट विद्यालय में नौनिहालों की सेहत के साथ खिलवाड़, रसोइया ने बताया बर्तन में पानी भरकर रखते है और जब बालू नीचे बैठ जाती है तब बनाते है खाना

स्थानीय समाचार

नीरज शुक्ला
रामनगर बाराबंकी
अपनी बदहाली पर आंसू बहा रहा कम्पोजिट विद्यालय मंझौनी एक तमाशाबीन विद्यालय बन कर रहा गया है। न तो यहां बच्चो के लिए अच्छा पानी पीने को मिलता है और न ही अच्छा खाना मिलता है। मीडिया कवरेज के दौरान सुबह जब ग्राम मंझौनी प्राथमिक विद्यालय पहुंचे तो वहां पर प्रधानाचार्य नदारद थे। वहां पर तैनात अध्यापक आशीष व रविकांत ने पूछने पर बताया कि प्रधानाचार्य खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय रामनगर मीटिंग के लिए गयी है जो कि प्राप्त सूचना के अनुसार आज के दिन कोई भी मीटिंग कार्यालय पर नही थी। ग्रामीणों की माने तो इस विद्यालय में नियुक्त शिक्षक लेट लतीफ आते हैं और पढाने के बजाय फोन पर बतियाने पर समय ज्यादा ब्यतीत करते हैं। जब खंड शिक्षा अधिकारी को दूरभाष के जरिये संपर्क किया तो दूरभाष पर जवाब देना मुनासिब नही समझा। इस विद्यालय में एक ही नल चालू हालत में है और उसमे भी बालू आता है और इसी नल के पानी से बच्चो के लिए खाना बनता है। वहां पर तैनात खाना बनाने वाली रसोइया ने बताया कि बर्तन में पानी भरकर रख लेते है और जब बालू नीचे बैठ जाती है तब हम बच्चो के लिए खाना बनाते है। अब देखना यह है कि इस प्राथमिक विद्यालय में हो रही लापरवाही को संबंधित अधिकारी कोई कार्यवाही करते है या सिर्फ कागजों पर ही इसकी खानापूर्ति कर दी जाती है।