मनरेगा में भ्रष्ट सिस्टम के आगे बौना हुआ प्रशासनिक तंत्र, जिम्मेदार अधिकारी भी मामले की लीपापोती में जुटे

स्थानीय समाचार

संवाददाता- नीरज शुक्ला (रामनगर बाराबंकी), 

विकासखंड रामनगर के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत अगानपुर में मनरेगा के तहत सीतापुर से मजदूरों को बुलाकर ठेकेदारी प्रथा से तालाब खुदवाया जा रहा है।

 

इस संबंध में सोशल मीडिया पर वीडियो भी वायरल हुआ जिसकी जानकारी हमारे संवाददाता ने खंड विकास अधिकारी रामनगर जितेंद्र कुमार समेत बाराबंकी के मुख्य विकास अधिकारी अ. सुदन को दी।

हद तो तब हो गई जब सीडीओ बाराबंकी ने डी.सी. मनरेगा के संज्ञान में डालने की बात कही।
और डीसी मनरेगा बाराबंकी के संज्ञान में होने के बाद भी अनवरत ठेकेदारी प्रथा से सीतापुर के मजदूरों से तालाब खुदवाया जा रहा है।

खंड विकास अधिकारी रामनगर जितेंद्र कुमार समेत डीसी मनरेगा तक ने तालाब की हो रही अवैधानिक तरीके से खुदाई पर कार्रवाई करना तो दूर जांच करना भी मुनासिब नहीं समझा।

जिससे यह प्रतीत हो रहा है कि मनरेगा में जबरदस्त भ्रष्टाचार व्याप्त है और पूरा सिस्टम भ्रस्टाचारियों की आगोश में है।

 

अब सवाल उठना भी लाजमी है क्योंकि जब संपूर्ण जानकारी जिले के मुख्य विकास अधिकारी से लेकर उपायुक्त श्रम मनरेगा तक होने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हो रही है। जिससे जिम्मेदार प्रशासन पर सवाल उठने के साथ-साथ प्रश्न वाचक चिन्ह लग रहे है।

 

सूत्रों की माने तो मनरेगा सेल समेत जिम्मेदार अधिकारियों तक मनरेगा में 25 से 30% धनराशि कमीशन की भेंट चढ़ रही है। जिससे जिम्मेदार अधिकारियों की कार्यशैली कुंद और मुंह बंद हैं।