संवाददाता : मोनू भारती
मुहम्मदाबाद गोहना (मऊ) : रमजान के पाक महीने में रोजा रखते समय हार्ट, शुगर और ब्लड प्रेशर (बीपी) के मरीजों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। गलत खान-पान और दवाइयों में लापरवाही से स्वास्थ्य संबंधी जटिलताएं बढ़ सकती हैं। यह सलाह मुहम्मदाबाद गोहना कस्बा के मशहूर एमडी फिजिशियन डॉ. आनंद कुमार ने क्षेत्रवासियों को दी।
उन्होंने बताया कि रमजान में लंबे समय तक बिना पानी और भोजन के रहने से शरीर में शुगर लेवल, ब्लड प्रेशर और डिहाइड्रेशन का खतरा बढ़ सकता है। इसलिए ऐसे मरीज रोजा रखने से पहले अपना मेडिकल चेकअप जरूर कराएं और डॉक्टर की सलाह के अनुसार ही दवाइयों का समय तय करें। डॉ. आनंद कुमार ने कहा कि शुगर के मरीज जिनका शुगर स्तर नियंत्रित है, वे संतुलित आहार और नियमित दवा के साथ रोजा रख सकते हैं, लेकिन जिन मरीजों का शुगर लेवल अधिक रहता है, उन्हें बिना चिकित्सकीय सलाह के रोजा नहीं रखना चाहिए। इफ्तार में तली-भुनी चीजों से बचते हुए फल, सलाद और पर्याप्त पानी का सेवन करना चाहिए। दिल के मरीजों को अधिक तेल और मसालेदार भोजन से परहेज करने की सलाह देते हुए उन्होंने कहा कि हल्का भोजन और तरल पदार्थ अधिक मात्रा में लेना जरूरी है। वहीं बीपी के मरीजों को सहरी और इफ्तार के समय दवाइयां नियमित रूप से लेते रहना चाहिए तथा नमक का सेवन सीमित रखना चाहिए। उन्होंने बताया कि रोजे के दौरान अत्यधिक कमजोरी, चक्कर, सीने में दर्द या शुगर के असामान्य स्तर जैसे लक्षण दिखाई दें तो तुरंत रोजा खोलकर चिकित्सकीय परामर्श लेना चाहिए। उन्हों ने कहा कि संतुलित आहार, पर्याप्त पानी और नियमित दवा के साथ रोजा रखने पर अधिकांश मरीज सुरक्षित रह सकते हैं, लेकिन लापरवाही स्वास्थ्य के लिए नुकसानदेह हो सकती है।




