संवाद दाता:-सलीम जावेद
वाराणसी आज दिनांक 28/10/2025 देश भर में इस महापर्व छठ पूजा का पूरे श्रद्धा और आज तक साथ मनाया जा रहा है चार दिनों तक चलने वाले पर्व की शुरुआत नहाय खाय से होती है और समापन उषा अय सूर्योदय के बाद होती है छठ पूजा में व्रत धारी महिलाएं पुरुष सूर्य देव और छठी मैया का पूजा अर्चना करती हैं इस महापर्व में छठ पूजा का चौथा दिन सबसे अहम माना जाता है क्योंकि इस दिन के उगते सूर्य देव को अर्थ देने के बाद 36 घंटे का निर्जला उपवास खोला जाएगा और इस छठ महापर्व का समापन किया जाएगा छठ पूजा सूर्य देव और छठी मैया की पूजा के लिए मनाया जाता है जो संतान की खुशहाली अच्छे व्यवहार और परिवार की समृद्धि की कामना की जाती है छठ माता ब्रह्मा जी की मानस पुत्री और सूर्य देव की बहन है इस त्यौहार की शुरुआत रामायण काल से जब रावण वध के बाद श्री राम जी अयोध्या आए ब्रह्मा पाप से मुक्ति पाने के लिए राजू सूर्य यज्ञ किया था माता सीता ने बिहार के मुंगेर जिले गंगा किनारे 6 दिनों तक रह के सूर्य देव को जल चढ़ा के आराधना की तभी से इस छठ महा पर्व का आरंभ हुआ था




