परीक्षार्थियों से केंद्र व्यवस्थापक द्वारा प्रवेश पत्र के नाम पर की जा रही वसूली

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जखनिया (गाजीपुर)। श्री भवानी नंदन यति इंटर कॉलेज, गोडिहरा (गजाधरपुर) में प्रवेश पत्र वितरण को लेकर गंभीर अनियमितताओं का मामला सामने आया है। छात्रों एवं अभिभावकों ने आरोप लगाया है कि प्रवेश पत्र देने के नाम पर अवैध रूप से नगद धनराशि की मांग की जा रही है।
जानकारी के अनुसार, जब इस संबंध में कॉलेज के बाबू से पूछताछ की गई तो उन्होंने बताया कि संबंधित छात्रों की फीस बकाया है। हालांकि अभिभावकों ने जब यह प्रश्न उठाया कि यदि फीस बकाया है तो धनराशि जमा करने पर रसीद क्यों नहीं दी जा रही, तब स्थिति संदिग्ध हो गई। अभिभावकों द्वारा ऑनलाइन भुगतान करने की बात कही गई, लेकिन कॉलेज प्रशासन ने ऑनलाइन भुगतान लेने से साफ इनकार करते हुए केवल नगद भुगतान की मांग की।
छात्रों और अभिभावकों का कहना है कि यदि फीस वसूली जा रही है तो ऑनलाइन भुगतान की सुविधा उपलब्ध क्यों नहीं कराई जा रही तथा रसीद जारी क्यों नहीं की जा रही। इस पूरे मामले में जब जखनिया के एसडीएम से संपर्क करने का प्रयास किया गया, तो उनका फोन किसी अन्य व्यक्ति ने रिसीव किया और बताया कि साहब मीटिंग में हैं। मीटिंग समाप्त होने के बाद वार्ता कराने का आश्वासन दिया गया, किंतु शाम तक कोई जवाब प्राप्त नहीं हुआ।
इस बीच कुछ अध्यापकों पर छात्रों को धमकाने का भी आरोप लगा है। छात्रों का कहना है कि उनसे स्पष्ट रूप से कहा गया कि यदि नगद धनराशि जमा नहीं की गई तो प्रवेश पत्र जारी नहीं किया जाएगा। जबकि हाई स्कूल एवं इंटरमीडिएट की परीक्षाएं अगले दिन प्रातः से प्रारंभ होनी हैं, ऐसे में छात्र सिफारिश और भुगतान की व्यवस्था में जुटे दिखाई दिए।
कुछ छात्रों ने बताया कि उनके पास नगद धनराशि नहीं है और वे ऑनलाइन भुगतान करना चाहते हैं, लेकिन कॉलेज के कर्मचारी एवं अधिकारी लगातार ऑनलाइन भुगतान लेने से इनकार कर रहे हैं।
एक ओर सरकार डिजिटल इंडिया को बढ़ावा दे रही है, वहीं दूसरी ओर इस प्रकार की घटनाएं डिजिटल व्यवस्था पर प्रश्नचिह्न खड़ा कर रही हैं। अब इस पूरे प्रकरण में जिला DIOS (डीआईओएस)अधिकारी, गाजीपुर से हस्तक्षेप की मांग की जा रही है, ताकि छात्रों को समय पर प्रवेश पत्र उपलब्ध हो सके और पारदर्शिता सुनिश्चित की जा सके।