,रिपोर्ट आशीष सिंह राठौड़
आजमगढ़ जनपद के सदर तहसील
में बृहस्पतिवार को ढाई बजे उस समय अफरा तफरी की स्थिति हो गई जब एंटी करप्शन की टीम ने लेखपाल को नक्शा दुरुस्ती के लिए काश्तकार से ₹5000 लेते हुए गिरफ्तार किया।पीड़ित अमित कुमार सिंह द्वारा लिखित रूप से शिकायती पत्र दिया गया कि सदर तहसील में मुकदमे के दौरान अधिकारी द्वारा नक्शा दुरुस्ती के लिए लेखपाल को आदेशित किया गया था। लेकिन लेखपाल द्वारा काफी दिनों से मुझसे रिश्वत की मांग की जा रही थी। बहुत प्रयासबहुत प्रयास करने के बाद भी जब बिना पैसे के लेखपाल द्वारा नक्शा दुरुस्ती करने से इनकार कर दिया गया तो मजबूरन पीड़ित द्वारा मामले की शिकायत एंटी करप्शन टीम से की गई। शिकायत मिलने के बाद एंटी करप्शन टीम अपनी पूरी व्यवस्था से तैयार होकर बड़ी तत्परता के साथ दोपहर को सदर तहसील में पहुंचकर पीड़ित अमित कुमार सिंह से लेखपाल को रिश्वत देने की बात कही। पीड़ीत द्वारा तहसील परिसर में लेखपाल को रिश्वत देते ही लेखपाल को रिश्वत लेने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया गया। इस मामले में तहसील के कर्मचारियों द्वारा विरोध भी किया गया लेकिन एंटी करप्शन टीम की जानकारी होने पर लोग शांत हो गए। टीम ने कार्यवाही करने के लिए लेखपाल प्रमोद कुमार सरोज को सिधारी थाने पर लेकर चली गई। यह कोई जनपद पहलापहुंचकर पीड़ित अमित कुमार सिंह से लेखपाल को रिश्वत देने की बात कही। पीड़ीत द्वारा तहसील परिसर में लेखपाल को रिश्वत देते ही लेखपाल को रिश्वत लेने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया गया। इस मामले में तहसील के कर्मचारियों द्वारा विरोध भी किया गया लेकिन एंटी करप्शन टीम की जानकारी होने पर लोग शांत हो गए। टीम ने कार्यवाही करने के लिए लेखपाल प्रमोद कुमार सरोज को सिधारी थाने पर लेकर चली गई। यह कोई जनपद पहला मामला नहीं है। अक्सर इस तरह के मामले होते रहते हैं उसके बाद भी राजस्व विभाग के कर्मचारी अपनी आदत से बाज नहीं आ रहे हैं।




