विश्व क्षय रोग दिवस पर जागरूकता कार्यक्रम, टीबी से बचाव के बताए गए उपाय ।

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संवाददाता मोनू भारती 

तहसील मोहम्मदाबाद गोहना मऊ 

मुहम्मदाबाद गोहना मऊ। विश्व क्षय रोग दिवस एवं टीबी उन्मूलन दिवस के अवसर पर मंगलवार को समुदाय स्वास्थ्य केंद्र मुहम्मदाबाद गोहना पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. संतोष कुमार यादव ने लोगों को टीबी के प्रति जागरूक करते हुए बताया कि क्षेत्र में लगातार टीबी के मरीजों की संख्या सामने आ रही है। डॉ. संतोष कुमार यादव ने बताया कि वर्तमान समय में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर प्रतिमाह लगभग 30 से 40 नए टीबी के मरीज जांच और उपचार के लिए आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि टीबी एक संक्रामक रोग है, लेकिन समय पर जांच और नियमित दवा से इसे पूरी तरह ठीक किया जा सकता है। उन्होंने बताया कि टीबी मुख्य रूप से फेफड़ों को प्रभावित करता है और संक्रमित व्यक्ति के खांसने, छींकने या थूकने से इसके जीवाणु हवा में फैल जाते हैं, जिससे अन्य लोग भी संक्रमित हो सकते हैं। इसलिए टीबी के लक्षण दिखाई देने पर तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर जांच करानी चाहिए।
टीबी के प्रमुख लक्षण डॉ. संतोष यादव ने बताया कि दो सप्ताह से अधिक समय तक लगातार खांसी रहना, बलगम में खून आना, बुखार आना, रात में अधिक पसीना आना, वजन कम होना और भूख कम लगना टीबी के प्रमुख लक्षण हो सकते हैं।
टीबी से बचाव के उपाय उन्होंने लोगों को टीबी से बचाव के लिए कई महत्वपूर्ण से सुझाव दिए— खांसते या छींकते समय मुंह और नाक को रूमाल या मास्क से ढकें।
घर और कमरे में साफ-सफाई व खुली हवा का ध्यान रखें। पौष्टिक भोजन का सेवन करें और शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाएं। टीबी के लक्षण दिखने पर तुरंत जांच कराएं और चिकित्सक की सलाह से पूरा इलाज कराएं। मरीज को दी जाने वाली दवाओं का कोर्स बीच में न छोड़ें।
डॉ. संतोष यादव ने बताया कि सरकार की ओर से टीबी की जांच और उपचार पूरी तरह निःशुल्क उपलब्ध है। साथ ही मरीजों को पोषण सहायता के रूप में आर्थिक सहयोग भी दिया जाता है, ताकि वे नियमित रूप से दवा लेकर जल्द स्वस्थ हो सकें। इस दौरान स्वास्थ्य कर्मियों ने लोगों को टीबी उन्मूलन के लिए जागरूक रहने और सरकार द्वारा चलाए जा रहे “टीबी मुक्त भारत” अभियान को सफल बनाने में सहयोग करने की अपील की।