रामसनेहीघाट पुलिस का कारनामा आया सामने, दंपति विवाद में लाए युवक पर शराब का केस ठोंका

CRIME

राघवेंद्र मिश्रा
बाराबंकी
उत्तर प्रदेश पुलिस के जवान वैसे तो अपने कार्य को लेकर हमेशा ही अलर्ट नजर आते है लेकिन पुलिसकर्मी कभी-कभी कुछ ऐसा काम कर देते है जिसके कारण लोगों के बीच चर्चा का विषय बन जाते है। ताजा मामला बाराबंकी जिले का है, जहां रामसनेहीघाट पुलिस द्वारा फर्जी मुकदमा लिखने के बाद पुलिस विवाद में घिर गई। दरअसल, 24 तारीख को रामसनेहीघाट क्षेत्र की 112 नंबर पुलिस वजीउद्दीन पुर गांव से एक युवक विनोद कुमार को पत्नी से विवाद में रामसनेहीघाट थाने लाई थी। पुलिस ने पत्नी से सुलह होने के बाद युवक को छोड़ दिया था।
एसडीएम ऑफिस पहुंचकर लगाई न्याय की गुहार
युवक ने पुलिस पर आरोप लगाते हुए बताया कि 25 तारीख की सुबह मुझे पता चला कि पुलिस ने मुझे 20 लीटर अवैध कच्ची शराब के साथ पकड़े जाने का मुकदमा दर्ज कर दिया है। इतना ही नहीं युवक का यह भी कहना है कि इसकी जानकारी होते ही वह काफी परेशान हो गया। जिसके बाद एसडीएम ऑफिस पहुंचकर शिकायती पत्र देते हुए न्याय की गुहार लगने लगा है।
ये था मामला..
बता दें ये मामला रामसनेहीघाट कोतवाली क्षेत्र के वजीउद्दीन पुर गांव का है। यहां के रहने वाले विनोद कुमार ने बताया है कि 24 तारीख को उसके और उसके पत्नी के बीच में किसी बात को लेकर विवाद हो गया था। जिसके बाद परिवार वालों ने 112 नंबर पर फोन करके पुलिस को बुला लिया और पत्नी से मारने पीटने और प्रताड़ित करने का आरोप लगाते हुए उसे कोतवाली भिजवा दिया था। जिसके बाद कोतवाली पुलिस ने उसे और पत्नी को आधार कार्ड के साथ बुलाए जाने के बाद छोड़ने की बात कही। युवक की पत्नी कोतवाली पहुंची जिसके बाद पुलिस ने सुलह- समझौता करवा कर उसे घर भेज दिया।
युवक ने पुलिस पर लगाया ये आरोप
युवक ने पुलिस पर आरोप लगाया है कि उसे अगली सुबह जानकारी हुई कि पुलिस ने उसे 20 लीटर अवैध कच्ची शराब के साथ पकड़े जाने का आबकारी अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर दिया है। ये सुनते ही युवक काफी परेशान हो गया। युवक ने बताया है कि कच्ची शराब के साथ फर्जी मुकदमा लिखे जाने की खबर से उसकी समाज में काफी बेइज्जती हुई है।
प्रधानमंत्री पोर्टल पर की शिकायत
जानकारी के अनुसार, युवक दिमागी तौर पर काफी परेशान है। इस मामले की शिकायत युवक ने प्रधानमंत्री पोर्टल, मुख्यमंत्री पोर्टल पर करने के बाद एसडीएम से की है। बताते चले कि युवक ने एसडीएम को शिकायती पत्र देते हुए न्याय की गुहार लगाई है। लेकिन अब देखना यह होगा कि जिले के आला अधिकारी फर्जी मुकदमा लिखने वाले इन पुलिसकर्मियों के खिलाफ क्या एक्शन लेते हैं।