गाजीपुर
NK9: सह संपादक
अति प्राचीन शिव मंदिर तक आज तक नहीं बना रास्ता, ग्रामीणों में आक्रोश
देवकली (गाजीपुर)। विकास खंड देवकली के खुटहन नामजद करमइता गांव के सुल्तानपुर पुरवा में स्थित अति प्राचीन शिव मंदिर तक आज तक समुचित रास्ता नहीं बन पाया है। हजारों लोगों की आस्था से जुड़े इस मंदिर तक पहुंचने में ग्रामीणों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है, जिससे लोगों में ग्राम पंचायत के प्रति नाराजगी बढ़ती जा रही है।
ग्रामीणों का कहना है कि यह मंदिर क्षेत्र की आस्था का केंद्र है, जहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोग पूजा-अर्चना के लिए पहुंचते हैं। इसके बावजूद आज तक वहां जाने के लिए कोई पक्का या समुचित मार्ग नहीं बन सका। आरोप है कि ग्राम प्रधान विकास के बड़े-बड़े दावे करते हैं, लेकिन इस महत्वपूर्ण मुद्दे पर पूरी तरह असफल साबित हो रहे हैं।
लोगों ने बताया कि चुनाव के समय प्रधान द्वारा कई वादे किए गए थे, लेकिन जीत के बाद उन वादों पर अमल नहीं हुआ। गांव में कुछ विकास कार्य जरूर हुए हैं, लेकिन मंदिर तक रास्ता न बनना लोगों की आस्था के साथ खिलवाड़ जैसा प्रतीत होता है।
इसी बीच एक सराहनीय पहल सामने आई, जब दूसरे गांव के एक मुस्लिम परिवार के व्यक्ति ने आपसी सौहार्द की मिसाल पेश करते हुए मंदिर की रंगाई-पुताई कराकर उसे सुंदर स्वरूप दिया। इस कार्य की ग्रामीणों द्वारा भूरी-भूरी प्रशंसा की जा रही है। लोगों का कहना है कि जो कार्य ग्राम प्रधान को करना चाहिए था, वह एक बाहरी व्यक्ति ने कर दिखाया।
ग्रामीण वर्षों से मंदिर तक रास्ता बनवाने की मांग कर रहे हैं, लेकिन हर
बार उन्हें निराशा ही हाथ लगी। वहीं, कुछ लोगों का यह भी कहना है कि ग्राम प्रधान राजनीतिक रूप से सक्रिय होने के बावजूद इस दिशा में कोई ठोस पहल नहीं कर सके।
यह शिव मंदिर क्षेत्र की प्राचीन धरोहर माना जाता है। इसकी स्थापना कब हुई, इसका स्पष्ट इतिहास तो उपलब्ध नहीं है, लेकिन ग्रामीण इसे अत्यंत प्राचीन बताते हैं और मानते हैं कि यह मंदिर मुगलकाल से भी पहले का हो सकता है।
अब देखना यह है कि ग्राम प्रधान, सचिव और बीडीओ देवकली इस गंभीर समस्या का समाधान करते हैं या नहीं। फिलहाल, ग्रामीणों में जनप्रतिनिधियों और संबंधित अधिकारियों के खिलाफ काफी आक्रोश व्याप्त है।




