एटा के प्राचीन एतिहासिक मन्दिर की पवित्रता तार – तार, पुलिस के साथ माँस खाने वाले व हिंदू महिला के यौन शोषण के आरोपी का फोटो बना चर्चा का विषय

धर्म/ आध्‍यात्‍म/ संस्‍कृति

संवाददाता : सत्यवान सिंह चौहान
एक ओर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ जी के निर्देश पर प्रशासन महाशिवरात्रि के पर्व को पूरी पवित्रता और सुरक्षा के साथ संपन्न कराने का काम कर रही है, वहीं उत्तर प्रदेश के जनपद एटा में कुछ अलग ही देखने को मिला है।
जनपद एटा के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्याम नारायण सिंह के निर्देश पर पहुंची क्षेत्राधिकारी कीर्तिका सिंह के साथ परसोंन के प्रसिद्ध मन्दिर में एक माँस खाने वाले व्यक्ति का फोटो चर्चा का विषय बना हुआ है। सूत्रों द्वारा इस संबंध में जानकारी प्राप्त होने पर जब हमने क्षेत्राधिकारी कीर्तिका सिंह से बात करने का प्रयास किया तो उन्होंने व्यस्तता के चलते बाद में बात करने की बात कही।
इस प्रकरण पर विश्व हिंदू परिषद के जिलाध्यक्ष शिवांक गुप्ता का कहना है कि मन्दिर के अंदर माँस खाने वाले व्यक्ति का प्रवेश बहुत ही गलत बात है, इसे कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा, यह कैसे वहाँ पहुंचा, जिम्मेदारों से पूंछा जाएगा , लेकिन दोबारा ऐसा न हो इसको सुनिश्चित किया जाएगा। सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार इस व्यक्ति का नाम मोहम्मद राशिद उर्फ बलदेव चौधरी है। सूत्र बताते हैं कि मोहम्मद राशिद अपनी पहचान छुपाने के लिए अपना नाम बलदेव चौधरी बताता है। अब सोचने वाली बात है कि मोहम्मद राशिद अपनी पहचान क्यों छुपाता है ? क्या कहीं यह किसी गलत काम से जुड़ा हुआ है जहां इसे अपनी पहचान छुपाने की आवश्यकता पड़ती है ? सूत्र बताते हैं हैं कि कुछ समय पूर्व इस मोहम्मद राशिद उर्फ बलदेव चौधरी के पुत्र बंटी उर्फ अशीम ने एक हिंदू महिला के साथ अपनी पहचान छुपाकर, एटा के प्रसिद्ध कैलाश मन्दिर के पास रखा व गलत आचरण (लव जिहाद) किया था, यह प्रकरण को लेकर जिले से लेकर प्रदेश स्तर तक चर्चित रहा था, इस चर्चित प्रकरण में मोहम्मद राशिद का बेटा बंटी उर्फ अशीम जेल भी गया था। पीड़ित महिला ने अपने बयानों में बताया था कि उक्त अशीम अपने पिता मोहम्मद राशिद के साथ भी जबरन शारीरिक संबंध बनवाता था। इस मामले को बजरंग दल एवं अन्य हिंदू संगठनों के द्वारा उठाया गया तब जाकर कार्यवाही संभव हुई थी और उक्त मोहम्मद राशिद उर्फ बलदेव चौधरी का नाम अपने बेटे के साथ इस घिनौने कांड में सामने आया था।
सूत्रों द्वारा अब तक इस मोहम्मद राशिद के बारे में जितनी चीजें निकलकर आ रही हैं वो इतना तो बता रही हैं कि ये और इसका परिवार अपनी असली पहचान छिपता रहा है और इसके परिवार के सदस्य आपराधिक गतिविधियों में भी शामिल रहे हैं, ऐसे में ऐसे व्यक्ति का पुलिस के बड़े अधिकारियों के साथ फोटो समाज में क्या संदेश देगा ? आपको बताते चलें कि उक्त मोहम्मद राशिद उर्फ बलदेव चौधरी अपनी असली पहचान छुपाकर प्रसिद्ध परसोंन के शिव मन्दिर के पास लगने वाले मेले का ठेका भी अब तक लेता आया है। एटा के पुलिस अधिकारी जांच तो बहुत करते हैं लेकिन इस व्यक्ति की जांच किए बिना ही मंदिर परिसर में कैसे ले जाया गया क्या शिवभक्त इस मंदिर पर मां गंगा का पवित्र जल भगवान शिव को कैसे भेंट करेंगे , क्योंकि भारतीय संस्कृति में मांस खाने वाले को हिंदू धर्म में मंदिर परिसर से दूर ही रखा जाता है लेकिन इस अपवित्रता से मंदिर को कैसे पवित्र करेंगे ? क्या एटा SSP इस घटना पर कोई एक्शन लेंगे?

-रिपोर्ट-
पवन चतुर्वेदी
जिलाध्यक्ष
प्रोग्रेसिव जर्नलिस्ट्स एसोशिएशन