अयोध्या: रुदौली कोतवाली से जुड़े गत वर्ष के एक किशोरी से छेड़खानी के मामले में पाक्सो एक्ट की अदालत ने आरोपी को दोषसिद्ध होने के चलते 5 वर्ष के कारावास के साथ 15 हजार रूपये जुर्माने की सजा सुनाई है।
गत वर्ष रुदौली कोतवाली के एक गांव में घर में घुसकर एक किशोरी के साथ हुए छेड़छाड़ मामले में पीड़िता की ओर से कोतवाली क्षेत्र के आसूमऊ गाँव निवासी छोटू यादव के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। कोरोना काल में माता-पिता की मौत के बाद अपने घर में अकेली रह रही किशोरी ने घर में घुसकर आबरू पर हमले का आरोप लगाया था। पुलिस ने भादवि व पाक्सो एक्ट के तहत नामजद केस पंजीकृत किया था और विवेचना के बाद आरोपपत्र अदालत में दाखिल किया था। वाद विचारण में जुटी पाक्सो एक्ट प्रथम की अदालत ने आज आरोपी को दोषसिद्ध पाते हुए 05 वर्ष के कारावास व 15 हजार रपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है। जिला पुलिस कार्यालय का कहना है कि पुलिस की प्रभावी पैरवी से इस महिला संम्बन्धी अपराध में अदालत ने सजा सुनाई है। छोटू यादव उर्फ लवकुश पूर्व से ही मंडल कारागार मे निरुध्द है, सजा सुनाये जाने के बाद अदालत ने उसको वापस कारागार भेज दिया। अभियोजन पक्ष से पैरवी लोक अभियोजक विनोद कुमार उपाध्याय व अभिषेक रघुवंशी ने की।





