⚠️ रसड़ा प्रधान डाकघर में ‘आधार सेवा’ के नाम पर खुली लूट! तय शुल्क से कई गुना वसूली का आरोप। संवाददाता उमाकांत विश्वकर्मा 

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⚠️ रसड़ा प्रधान डाकघर में ‘आधार सेवा’ के नाम पर खुली लूट! तय शुल्क से कई गुना वसूली का आरोप।

संवाददाता उमाकांत विश्वकर्मा

रसड़ा (बलिया)। जनपद के रसड़ा स्थित प्रधान डाकघर से एक बेहद गंभीर मामला सामने आया है, जहां आधार कार्ड बनाने और संशोधन कराने के नाम पर लोगों से कथित तौर पर मनमानी वसूली की जा रही है। पीड़ितों के आरोप ने व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है।

आधार सेवा के लिए पहुंचे लोगों ने बताया कि नए आधार कार्ड के लिए उनसे पहले फार्म के नाम पर ₹10 वसूले गए और इसके बाद बायोमेट्रिक के लिए सीधे ₹300 ले लिए गए। जबकि सरकारी तय शुल्क इससे काफी कम बताया जा रहा है।

इतना ही नहीं, एक अन्य व्यक्ति ने आरोप लगाया कि पत्नी के आधार में मोबाइल नंबर जोड़ने के लिए उससे ₹100 लिए गए, जबकि रसीद पर स्पष्ट रूप से मोबाइल अपडेट शुल्क ₹75 और बायोमेट्रिक शुल्क ₹125 दर्ज है। यानी कागज पर कुछ और, जमीन पर कुछ और!

स्थानीय लोगों का कहना है कि यह सब बिना मिलीभगत के संभव नहीं है और गरीब व अनजान लोगों को निशाना बनाकर खुलेआम जेब काटी जा रही है।

मामले में जब पोस्टमास्टर ए.के. खान से पक्ष जानने की कोशिश की गई, तो उन्होंने कोई भी प्रतिक्रिया देने से इनकार कर दिया। पोस्टमास्टर की चुप्पी ने पूरे मामले को और संदिग्ध बना दिया है।

अब सवाल यह है कि— 👉 क्या रसड़ा प्रधान डाकघर में वसूली का खेल संगठित तरीके से चल रहा है?

👉 क्या जिम्मेदार अधिकारी जांच कर कार्रवाई करेंगे?

क्षेत्रीय लोगों ने उच्च अधिकारियों से तत्काल जांच कर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है, ताकि आधार सेवा के नाम पर हो रही कथित लूट पर लगाम लग सके।